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छरहरी लड़कियों को अधिक होता है ब्रेस्ट कैंसर
Shweta Pandey | 9:46 PM |
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रैंप पर कैटवाक करती मॉडल्स की तरह छरहरी काया के पीछे दीवानी रहने वाली लड़कियों को अब सावधान हो जाने की जरूरत है। छरहरेपन की यह दीवानगी उन्हें ब्रेस्ट कैंसर की ओर ले जा सकती है।
वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया है कि जो लड़कियां सात साल की आयु के समय अधिक पतली होती हैं उनमें बड़ी होने पर ब्रेस्ट कैंसर से प्रभावित होने की संभावना बढ़ जाती है। स्कॉटहोम के करोलिंसका इंस्टिटच्यूट के वैज्ञानिकों ने यह भी पाया की जो लड़कियां बचपन में हेल्दी होती हैं, उनके ब्रेस्ट कैंसर के चपेट में आने की संभावना कम होती है।
वैज्ञानिकों ने यह शोध स्वीडन की 6,000 महिलाओं पर किया गया है। इस शोध में शामिल की गई महिलाओं में आधी कैंसर पीड़ित थीं।
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वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया है कि जो लड़कियां सात साल की आयु के समय अधिक पतली होती हैं उनमें बड़ी होने पर ब्रेस्ट कैंसर से प्रभावित होने की संभावना बढ़ जाती है। स्कॉटहोम के करोलिंसका इंस्टिटच्यूट के वैज्ञानिकों ने यह भी पाया की जो लड़कियां बचपन में हेल्दी होती हैं, उनके ब्रेस्ट कैंसर के चपेट में आने की संभावना कम होती है।
वैज्ञानिकों ने यह शोध स्वीडन की 6,000 महिलाओं पर किया गया है। इस शोध में शामिल की गई महिलाओं में आधी कैंसर पीड़ित थीं।
ब्रेस्ट कैंसर की पहचान अब मिनटों में होगी। इसके लिए ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने एक ट्राईकॉर्डर विकसित किया है। हाथ में पकड़े जा सकने वाली यह मशीन मरीज के खून, उसकी लार व यूरिन की जांच करने के बाद कुछ ही मिनटों में कैंसर की पहचान कर लेगी।
क्लीनिहब नाम के इस उपकरण में कई पोट्र्स हैं, जिनमें सैंपल्स डाले जा सकते हैं। इसे बनाने वाले कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के पैट्रिक पॉर्डेज ने कहा कि डॉक्टरों और मरीज दोनों के लिए यह मशीन आने वाले समय में फायदेमंद होगी। मशीन की कीमत 650 पाउंड (करीब 47 हजार रुपए) है।
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क्लीनिहब नाम के इस उपकरण में कई पोट्र्स हैं, जिनमें सैंपल्स डाले जा सकते हैं। इसे बनाने वाले कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के पैट्रिक पॉर्डेज ने कहा कि डॉक्टरों और मरीज दोनों के लिए यह मशीन आने वाले समय में फायदेमंद होगी। मशीन की कीमत 650 पाउंड (करीब 47 हजार रुपए) है।