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मासिक चक्र के दौरान लाखों लड़कियों और महिलाओं को काफी दर्द होता है। यह 30 साल की उम्र तक कहीं अधिक पीड़ादायक रहता है। इससे बचने के लिए लड़कियां और
औरतें कई तरह की गोलियां लेती हैं और कई तो मासिक चक्र रोकने तक की दवाई खाती हैं। इन सब का कहीं न कहीं उनकी सेहत पर विपरीत असर पड़ता है। पर अब ऐसी लड़कियों और महिलाओं के लिए इंग्लैंड से एक खुशखबरी आई है।
यहां के साउथम्पटन में वैनटिया के साइंटिस्ट ने एक ऐसी पिल ईजाद की है जो मासिक के दौरान होने वाले दर्द को दूर कर देगी और इसका किसी भी तरह से विपरीत असर नहीं पड़ेगा। इस टीम के लीडर एंड्रेजज बैट ने बताया: इस पिल से हम उन लाखों महिलाओं को दर्द से निजात दिला देंगे जो इस दौरान बेहद दर्द का सामना करती हैं। इससे वर्क प्लेस, स्कूल,
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यहां के साउथम्पटन में वैनटिया के साइंटिस्ट ने एक ऐसी पिल ईजाद की है जो मासिक के दौरान होने वाले दर्द को दूर कर देगी और इसका किसी भी तरह से विपरीत असर नहीं पड़ेगा। इस टीम के लीडर एंड्रेजज बैट ने बताया: इस पिल से हम उन लाखों महिलाओं को दर्द से निजात दिला देंगे जो इस दौरान बेहद दर्द का सामना करती हैं। इससे वर्क प्लेस, स्कूल,
कॉलेज न पहुंच पाने के कारण और घर के काम काज में भी काफी नुकसान होता है। इस पिल के इस्तेमाल के बाद इन परेशानियों से बचा जा सकेगा और इसका कोई विपरीत असर भी नहीं पड़ेगा। बैट ने बताया: मासिक चक्र के दौरान दर्द के मूल कारण पर इस पिल के माध्यम से कंट्रोल पाया जाएगा। |
स्कॉटलैंड के रिसर्चरों ने एक नई इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल डिवेलप करने का दावा किया है। इसकी खूबी है कि यह सेक्स के पांच दिन बाद भी प्रेग्नेंसी के जोखिम को रोकने में कामयाब है।
इसके लिए शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन, आयरलैंड और अमेरिका की 16 हजार महिलाओं पर स्टडी की। इस दौरान उन्होंने पाया कि नई गोली यूलीप्रिस्टल एसीटेट आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली इमर्जेंसी पिल लेवोनोरजेस्ट्रल से काफी बेहतर है। गौरतलब है कि लेवोनोरजेस्ट्रल सिर्फ तीन दिन की लिमिट देती है।
रिसर्च के दौरान देखा गया कि लेवोनोरजेस्ट्रल लेने वाली महिलाओं में 2.6 फीसदी गोली लेने के बाद भी पेग्नेंट हो गईं। दूसरी तरफ नई गोली यूलीप्रिस्टल लेने वाली महज 1.8 फीसदी महिलाएं अनचाही प्रेग्नेंसी का शिकार हुईं।
दूसरे स्टडी ग्रुप में उन महिलाओं को शामिल किया गया जिन्हें सेक्स के बाद तीन दिन बीत चुके थे। इनमें से यूलीप्रिस्टल लेने वाली महिलाएं प्रेग्नेंसी से बची रहीं, जबकि लेवोनोरजेस्ट्रल लेने वाली तीन महिलाएं प्रेग्नेंट हो गईं। खास बात यह है कि दोनों ही दवाओं के साइड इफेक्ट लगभग एक जैसे ही हैं। हालांकि, अभी यह नई दवा दवा की दुकानों पर मौजूद नहीं होगी क्योंकि अभी तक इसका सेफ्टी रेकॉर्ड लेवोनोरजेस्ट्रल जितना नहीं है।